IAS Divya Mittal Resignation : यूपी में IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, 13 साल की सेवा को कहा अलविदा…
IAS Divya Mittal Resignation

IAS Divya Mittal Resignation: 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के बाद अपनी इच्छा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी और प्रशासनिक सफर से जुड़े अनुभव साझा किए।
दिव्या मित्तल वर्तमान में राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। इससे पहले वह देवरिया की जिलाधिकारी (DM) रह चुकी हैं। 6 मई को उन्हें देवरिया DM के पद से हटाया गया था।
IIT और IIM से पढ़ाई, लंदन की नौकरी छोड़ी
दिव्या मित्तल ने अपनी पोस्ट में बताया कि साधारण परिवेश में पली-बढ़ी होने के बावजूद उन्होंने बेहतर जीवन का सपना देखा। उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई की और इसके बाद लंदन में नौकरी भी की।
हालांकि, विदेश में रहने के दौरान उन्हें अपने देश से दूर होने का खालीपन महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि इसी भावना के चलते वह भारत लौटीं और IAS बनने का अवसर मिला।
‘सही के साथ खड़ा होना कर्तव्य है’
अपनी प्रशासनिक यात्रा को याद करते हुए दिव्या मित्तल ने देवरिया और मीरजापुर में अपने कार्यकाल का विशेष रूप से जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि देवरिया ने उन्हें सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना कोई विकल्प नहीं, बल्कि कर्तव्य है। वहीं मीरजापुर ने उन्हें सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बल्कि सिर्फ एक राय है।
उन्होंने मां विंध्यवासिनी के प्रति अपनी आस्था का भी जिक्र किया और कहा कि शक्ति किसी पद से नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास और ईश्वर की कृपा से मिलती है।

‘हर सरकारी फाइल के पीछे एक व्यक्ति है’
दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के दौरान आम लोगों के जीवन में आए बदलावों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने जमीन का हक मिलने वाले परिवार, दिव्यांग व्यक्ति को सम्मान से जीने का अवसर और किसान के खेत तक पानी पहुंचने जैसे अनुभवों को याद किया। उनके मुताबिक प्रशासनिक सेवा ने उन्हें यह समझाया कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक व्यक्ति होता है और उसकी गरिमा बनाए रखना ही न्याय है।
‘मुझे लगा था मैं लोगों को कुछ देने आई हूं’
दिव्या मित्तल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि वह समाज को कुछ देने आई हैं, लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने खुद लोगों से बहुत कुछ पाया।
उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों का भी आभार जताया, जिन्होंने उनके साथ मिलकर विभिन्न परिस्थितियों में काम किया।
वृद्ध महिला का आशीर्वाद बना यादगार पल
अपनी पोस्ट के अंत में दिव्या मित्तल ने लहुरिया दह की पहाड़ी की एक वृद्ध महिला से जुड़ी घटना साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में पहली बार पानी पहुंचने के बाद महिला ने कुछ नहीं कहा, बल्कि कांपते हाथों से उनके सिर को छूकर आशीर्वाद दिया।
दिव्या मित्तल ने अपनी 13 साल की प्रशासनिक यात्रा और आम लोगों से मिले स्नेह को याद करते हुए कहा कि पद भले छूट गया हो, लेकिन देश की मिट्टी से मिला सपना जीवनभर साथ रहेगा।
आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।
साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ… pic.twitter.com/4VRXpK8nu8
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) August 30, 2026
आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।
साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ… pic.twitter.com/4VRXpK8nu8
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) August 30, 2026









