Fake IAS Tripti Singh: UPSC की फर्जी लिस्ट बनाकर SDM बनी का दावा, अफसर भी खा गए धोखा…फर्जी IAS बनकर कोचिंग सेंटर्स में देती थी मास्टरक्लास
Fake IAS Tripti Singh: UPSC की फाइनल लिस्ट में छेड़छाड़, खुद को SDM बताकर कोचिंग में देती थी मास्टरक्लास
Fake IAS Tripti Singh भोपाल, 12 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर फर्जी IAS अधिकारी बनकर ठगी करने के मामले में पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, तृप्ति सिंह ने UPSC Civil Services 2025 की फाइनल लिस्ट में कथित तौर पर डिजिटल छेड़छाड़ कर खुद को चयनित अधिकारी के तौर पर पेश किया और गोविंदपुरा की SDM होने का दावा किया। Fake IAS Tripti Singh
जांच में यह भी सामने आया है कि वह कथित तौर पर फर्जी अधिकारी बनकर UPSC कोचिंग सेंटरों में मास्टरक्लास और मोटिवेशनल सेशन देती थी। आरोप है कि इन कार्यक्रमों के जरिए उसने कोचिंग संचालकों से लाखों रुपये की रकम ली।
मामला सामने आने के बाद पुलिस अब उसके फर्जी दस्तावेजों, ठगी के नेटवर्क और उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
UPSC फाइनल लिस्ट में नाम बदलने का आरोप Fake IAS Tripti Singh
पुलिस की जांच के मुताबिक, 13 अप्रैल 2026 को तृप्ति सिंह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुद को गोविंदपुरा SDM बताने का दावा किया था।
अपने दावे को मजबूत करने के लिए उसने कथित तौर पर UPSC Civil Services 2025 की फाइनल लिस्ट में डिजिटल बदलाव किया। आरोप है कि असली चयनित अभ्यर्थी नमन गोयल का नाम हटाकर उसकी जगह अपना नाम डाल दिया गया।
इस एडिट की गई लिस्ट को कथित तौर पर अपनी पहचान और पद का सबूत बताकर लोगों के सामने पेश किया गया।

फर्जी IAS बनकर कोचिंग सेंटर्स में देती थी मास्टरक्लास
तृप्ति सिंह का कथित फर्जीवाड़ा सिर्फ दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहा। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह अलग-अलग UPSC कोचिंग संस्थानों में खुद को सिविल सर्विस अधिकारी बताकर पहुंचती थी।
वह वहां सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा और करियर से जुड़े टिप्स देने के नाम पर मास्टरक्लास और मोटिवेशनल सेशन करती थी।
आरोप है कि फर्जी अधिकारी की पहचान और प्रभाव का इस्तेमाल कर उसने कुछ कोचिंग संचालकों से लाखों रुपये की रकम भी वसूली।
होटल लीज के नाम पर 50 लाख और 39 लाख की ठगी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, तृप्ति सिंह के खिलाफ अब तक 4 FIR दर्ज हो चुकी हैं। जांच में होटल लीज से जुड़े दो बड़े मामलों का भी उल्लेख सामने आया है।
आरोप है कि MP Tourism का होटल लीज पर दिलाने का झांसा देकर उसने सिवनी के गगन उपवंशी से 50 लाख रुपये और बालाघाट के रोहित लिल्हारे से 39 लाख रुपये लिए।
इस तरह इन दो मामलों में ही कुल 89 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप सामने आया है। पुलिस इन मामलों में लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

भाई और ड्राइवर भी गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई में तृप्ति सिंह के भाई प्रखर सिंह और ड्राइवर भूपेंद्र को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों की रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जी IAS नेटवर्क में इन दोनों की क्या भूमिका थी और क्या इनके जरिए भी लोगों से संपर्क किया गया था।
विधानसभा से जुड़े वीडियो की भी जांच
मामले की जांच के दौरान ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें तृप्ति सिंह के साथ दो युवतियां नजर आ रही हैं। पुलिस इन वीडियो और उसमें दिखाई देने वाली महिलाओं की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या ये लोग केवल परिचित थीं या कथित फर्जीवाड़े में किसी तरह की भूमिका भी थी।
सिस्टम पर उठे सवाल, पुलिस खंगाल रही पूरा नेटवर्क
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक आम UPSC अभ्यर्थी को परीक्षा पास करने के लिए वर्षों की मेहनत करनी पड़ती है, जबकि आरोप है कि तृप्ति सिंह ने फर्जी दस्तावेजों और पहचान के सहारे खुद को अधिकारी के तौर पर पेश किया।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी UPSC लिस्ट किस तरह तैयार की गई, उसे किन लोगों के सामने इस्तेमाल किया गया और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क शामिल था या नहीं।
हालांकि, इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

UPSC की फाइनल लिस्ट में फर्जीवाड़ा कैसे किया गया?
आमतौर पर सरकारी चयन सूची PDF फॉर्मेट में उपलब्ध होती है। डिजिटल दस्तावेजों में एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए टेक्स्ट या नाम में बदलाव किया जा सकता है। ऐसे एडिट किए गए दस्तावेजों को असली बताकर लोगों के सामने पेश करने की कोशिश की जा सकती है।
इस मामले में भी पुलिस की जांच इसी तरह के कथित डिजिटल फर्जीवाड़े पर केंद्रित है। हालांकि, तृप्ति सिंह ने किस तकनीक या सॉफ्टवेयर से कथित दस्तावेज तैयार किया, इसकी आधिकारिक तकनीकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
4 FIR और लाखों की कथित ठगी
पुलिस के अनुसार, तृप्ति सिंह के खिलाफ अब तक चार FIR दर्ज हैं। होटल लीज से जुड़े मामलों में 50 लाख और 39 लाख रुपये की कथित ठगी के अलावा कोचिंग संस्थानों से रकम लेने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।
पुलिस अब दस्तावेजों, बैंक लेनदेन, संपर्कों और आरोपों से जुड़े अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है।

Disclaimer
यह खबर पुलिस जांच और सामने आए आरोपों पर आधारित है। तृप्ति सिंह पर लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
FAQ – Fake IAS Tripti Singh
1. फर्जी IAS तृप्ति सिंह कौन है?
तृप्ति सिंह पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुद को IAS अधिकारी और गोविंदपुरा की SDM बताकर लोगों को गुमराह किया और कथित तौर पर ठगी की।
2. तृप्ति सिंह ने UPSC लिस्ट में क्या फर्जीवाड़ा किया?
पुलिस जांच के मुताबिक, उसने UPSC Civil Services 2025 की फाइनल लिस्ट में डिजिटल छेड़छाड़ कर चयनित अभ्यर्थी नमन गोयल के नाम की जगह अपना नाम दिखाया।
3. क्या तृप्ति सिंह सच में IAS अधिकारी थी?
पुलिस जांच के अनुसार, वह वास्तविक IAS अधिकारी नहीं थी और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुद को IAS अधिकारी बताती थी।
4. क्या तृप्ति सिंह कोचिंग सेंटरों में मास्टरक्लास देती थी?
पुलिस जांच के मुताबिक, वह खुद को सिविल सर्विस अधिकारी बताकर कुछ UPSC कोचिंग संस्थानों में जाती थी और अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देती थी। आरोप है कि इसके बदले उसने कोचिंग संचालकों से रकम ली।
5. तृप्ति सिंह पर कितने रुपये की ठगी का आरोप है?
पुलिस के अनुसार, होटल लीज से जुड़े दो मामलों में 50 लाख और 39 लाख रुपये, यानी कुल 89 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप सामने आया है। इसके अलावा कोचिंग संचालकों से रकम लेने के आरोप भी जांच में हैं।









