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बालिकाओं की सेहत से खिलवाड़ नहीं, आयोग का सख्त संदेश; कोरबा में डॉ. वर्णिका शर्मा ने किया निरीक्षण

कोरबा, 9 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कोरबा में अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, सिविल लाइन थाना और बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास में बालिकाओं की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

सैनेटरी पैड उपलब्ध नहीं होने पर जताई नाराजगी

अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास के निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने पाया कि छात्राओं की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा बालिकाओं के लिए सैनेटरी पैड की व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई।

डॉ. शर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि बढ़ती उम्र की बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सिविल लाइन थाने में संवेदना कक्ष का निरीक्षण

इसके बाद आयोग अध्यक्ष ने सिविल लाइन थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने बाल कल्याण अधिकारी की व्यवस्था की जानकारी ली और थाने में बनाए गए संवेदना कक्ष का भी अवलोकन किया।

उन्होंने संवेदना कक्ष को बच्चों के लिए और अधिक बाल-सुलभ एवं संवेदनशील बनाने पर जोर दिया, ताकि किसी भी मामले में बच्चों के साथ बातचीत के दौरान उन्हें सहज और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

बाल संप्रेक्षण गृह में बच्चों से किया आत्मीय संवाद

बाल संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने वहां रह रहे बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण में पिछले दौरे की तुलना में संस्था में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले।

संस्था में सुरक्षा व्यवस्था के लिए गार्ड और साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डॉ. शर्मा ने व्यवस्थाओं में हुए सुधार पर संतोष जताया और बच्चों के साथ संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया।

सुरक्षा और स्वास्थ्य के मामलों में आयोग सख्त

डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। इन मामलों में आयोग का रुख सख्त रहेगा। वहीं बाल संप्रेक्षण गृह में बच्चों के सुधार और पुनर्वास के लिए सकारात्मक एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करना भी प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल अधिकारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए बच्चों को जरूरी सुविधाएं और संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।

Sanskar Singhaniya

Sanskar Singhaniya is the Founder & Editor-in-Chief of The Bharat Express, with 7 years of experience in journalism and digital media. He primarily covers Chhattisgarh, focusing on politics, governance, administration, crime, public-interest issues, and regional developments. His work emphasizes factual, timely, and reader-focused journalism, with expertise in digital publishing, breaking news, and audience engagement. Through The Bharat Express, Sanskar aims to deliver credible and easy-to-understand news that keeps readers informed about important developments across Chhattisgarh and India.

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