Raipur Child Abuse Case: तीन साल के मासूम से मारपीट पर बाल आयोग सख्त, मां और सौतेला पिता गिरफ्तार
Raipur Child Abuse Case: बच्चों से मारपीट पर बाल आयोग सख्त, मां-सौतेला पिता गिरफ्तार
Raipur Child Abuse Case : रायपुर। बच्चों के साथ मारपीट के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर के पंडरी क्षेत्र में सामने आए मामले के बाद आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मेकाहारा अस्पताल पहुंचीं और उपचार करा रहे तीन साल के बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बाल गृह जाकर वहां रह रहे दूसरे बच्चे की सुरक्षा और देखभाल का जायजा भी लिया।
आयोग के मुताबिक, मामले में तीन वर्षीय और आठ वर्षीय बालकों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। गंभीर चोट लगने के कारण तीन साल के बच्चे को 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर बच्चों की मां और सौतेले पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। Raipur Child Abuse Case
तीन बच्चों की सुरक्षा और देखभाल पर विशेष ध्यान
आयोग को इस प्रकरण की जानकारी 15 अक्टूबर को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से मिली थी। इसके बाद आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंभीर रूप से घायल तीन वर्षीय बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दूसरे बालक को बाल गृह में रखा गया है, जबकि छह वर्षीय बालिका को सुरक्षित देखभाल के लिए मातृछाया भेजा गया है।
अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उनकी काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

तीन साल के बच्चे की हालत में सुधार
आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती तीन वर्षीय बच्चे का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक बताया गया है। वहीं, बाल गृह में रह रहे दूसरे बालक और मातृछाया में रखी गई बालिका की भी काउंसलिंग की जा रही है।
इसका उद्देश्य बच्चों को घटना के बाद जरूरी मानसिक और भावनात्मक सहयोग देना है, ताकि वे सुरक्षित माहौल में रह सकें और सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
चाइल्ड हेल्पलाइन से समय पर मिली सूचना
आयोग ने बताया कि प्रदेश के थानों और संबंधित संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। इससे बच्चों के साथ हिंसा और प्रताड़ना से जुड़ी घटनाओं की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंच रही है।
आयोग ने हेल्पलाइन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके विरुद्ध हिंसा के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं
डॉ. वर्णिका शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। आयोग का कहना है कि बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ बच्चों को सुरक्षित वातावरण और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।









