भूपेश बघेल सरकार की उद्योग और व्यापार विकास पर नीतियाँ: छत्तीसगढ़ में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
भूपेश बघेल सरकार की उद्योग और व्यापार विकास पर नीतियाँ: छत्तीसगढ़ में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते कुछ वर्षों में राज्य के उद्योग और व्यापार क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए हैं। सरकार की सोच साफ है—राज्य के हर क्षेत्र, हर वर्ग तक आर्थिक विकास पहुंचे, और युवाओं को यहीं पर रोजगार के बेहतर अवसर मिलें।
—
औद्योगिक नीति 2019–24: छोटे शहरों और पिछड़े इलाकों को प्राथमिकता
सरकार ने 2019 में जो नई औद्योगिक नीति लागू की, उसमें खास ध्यान नक्सल प्रभावित और पिछड़े इलाकों पर दिया गया। बस्तर, सरगुजा जैसे इलाकों में अगर कोई उद्योग लगता है तो उसे कई तरह की रियायतें मिलती हैं।
इस नीति के तहत:
* नई इकाइयों को लोन पर ब्याज में छूट मिलती है।
* जमीन की खरीद पर स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई है।
* परिवहन और बिजली पर भी अनुदान दिया जाता है।
इसका मकसद ये है कि राजधानी और बड़े शहरों से आगे बढ़कर ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के साधन तैयार हों।
—
गांव, गौठान और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा
भूपेश बघेल सरकार की सबसे खास बात ये रही कि उन्होंने केवल बड़े उद्योगों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने का प्रयास किया।
* **गोधन न्याय योजना**: सरकार ने गोबर खरीदने की पहल की जिससे गांव के लोग अब गोबर बेचकर भी आमदनी कर रहे हैं। उससे कंपोस्ट और जैविक खाद तैयार हो रही है।
* **रूरल इंडस्ट्रियल पार्क**: सरकार ने हर ब्लॉक में औद्योगिक पार्क शुरू किए, जहां महिलाएं और ग्रामीण लोग स्थानीय उत्पाद तैयार कर रहे हैं।
* **सी-मार्ट**: गांव और जंगल के उत्पादों को शहरों में बेचने के लिए ‘सी-मार्ट’ खोले गए हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को सीधा बाजार मिला।
—
महिलाओं और कमजोर वर्गों को विशेष सहयोग
सरकार ने महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहन देने के लिए अलग से योजना बनाई है।
* महिलाओं को उद्योग लगाने पर अतिरिक्त सब्सिडी मिलती है।
* अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उद्यमियों को भी अलग से सहायता दी जाती है।
इससे समाज के सभी तबकों को आगे आने का मौका मिला है।
—
पर्यावरण का भी रखा ख्याल
भूपेश सरकार की कोशिश रही है कि राज्य में जो भी विकास हो, वह पर्यावरण के अनुकूल हो।
* इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग जैसी पर्यावरण मित्र इकाइयों को बढ़ावा दिया गया है।
* जैविक खेती को बढ़ाने के लिए किसानों को जैविक खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाना
पहले उद्योग शुरू करने में बहुत भाग-दौड़ करनी पड़ती थी। अब सिंगल विंडो सिस्टम लागू हुआ है, जहां सभी मंजूरी एक ही जगह मिल जाती है।
* जमीन आवंटन से लेकर बिजली कनेक्शन तक, सारी प्रक्रिया को आसान किया गया है।
* निवेशकों को राज्य में आने के लिए बेहतर माहौल दिया गया है।
—
जमीन पर दिखने लगे हैं नतीजे
इन सब प्रयासों का असर अब जमीन पर दिख रहा है—
* हजारों करोड़ का निवेश आया है।
* हजारों युवाओं को रोजगार मिला है।
* गांव की महिलाएं अब खुद से आमदनी कमा रही हैं।
—
निष्कर्ष- छत्तीसगढ़ की सरकार ने यह दिखा दिया है कि अगर नीति में गांव, गरीब और छोटे उद्यमी का ख्याल रखा जाए, तो विकास का रास्ता सबके लिए खुलता है। भूपेश बघेल की नेतृत्व में छत्तीसगढ़ एक ऐसा मॉडल बनकर उभरा है, जो परंपरा और आधुनिकता—दोनों को साथ लेकर चल रहा है।


