Bastar Transport Strike: BPS विवाद में 300 परचून ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
Bastar Transport Strike: BPS पर गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करने का आरोप लगाते हुए 300 परचून ट्रांसपोर्टरों ने बस्तर मार्ग पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की।

रायपुर/बस्तर। बस्तर में परिवहन व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। राजधानी गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ परचून ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और अन्य प्रभावित परचून ट्रांसपोर्टरों ने बस्तर परिवहन संघ (BPS) के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि BPS ने शासन-प्रशासन की मौजूदगी में हुए समझौतों का उल्लंघन करते हुए परचून गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसी के विरोध में बस्तर क्षेत्र के परचून ट्रांसपोर्टरों ने बस्तर मार्ग पर परिवहन कार्य बंद करने की बात कही है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ब्लैकलिस्ट किए जाने का विरोध
परचून ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि वे एसोसिएशन के माध्यम से प्रदेशभर के व्यापारियों का माल बस्तर और अन्य राज्यों तक पहुंचाने का काम करते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, परचून ट्रांसपोर्टरों की गाड़ियों को कथित तौर पर ब्लैकलिस्ट किए जाने से उनका परिवहन कारोबार प्रभावित हुआ है। एसोसिएशन ने इसे अनुचित बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।
आज से बस्तर मार्ग पर परिवहन बंद
एसोसिएशन का दावा है कि विवाद के समाधान के लिए अब बस्तर क्षेत्र के परचून ट्रांसपोर्टरों ने परिवहन कार्य पूरी तरह बंद कर दिया है।
यह हड़ताल कब तक चलेगी, इसे लेकर एसोसिएशन ने फिलहाल कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है और इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल बताया है।
हजारों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होने का दावा
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि विवाद का जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर केवल ट्रांसपोर्टरों तक सीमित नहीं रहेगा।
एसोसिएशन के मुताबिक, हमाल, लेबर, ड्राइवर और मुंशी समेत हजारों लोगों की आजीविका परिवहन कारोबार से जुड़ी है। लंबे समय तक परिवहन बंद रहने की स्थिति में इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका जताई गई है।

300 ट्रांसपोर्टरों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि परचून ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े करीब 300 सदस्य इस मामले को लेकर एकजुट हैं।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं होती और संबंधित गाड़ियों को कथित ब्लैकलिस्ट से बाहर नहीं किया जाता, तो सभी 300 सदस्य एकजुट होकर पूरे ट्रांसपोर्ट कारोबार और व्यापार को बंद करने जैसा बड़ा कदम उठा सकते हैं।
परिवहन मंत्री और चैंबर से हस्तक्षेप की मांग
ट्रांसपोर्टरों ने परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने शासन-प्रशासन और परिवहन विभाग से आग्रह किया है कि विवाद का समाधान कराया जाए और जिन गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किए जाने का आरोप लगाया गया है, उन्हें जल्द से जल्द सूची से बाहर कराने के लिए कार्रवाई की जाए।
अब प्रशासन की भूमिका अहम
बस्तर में परिवहन को लेकर पैदा हुए इस विवाद का असर स्थानीय व्यापार और माल परिवहन पर पड़ सकता है। ऐसे में अब प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत बढ़ गई है।
फिलहाल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से हड़ताल का ऐलान किया गया है। BPS की ओर से इन आरोपों पर क्या पक्ष है, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है। BPS का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।
Important Points
- परचून ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
- BPS पर गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करने का आरोप लगाया गया है।
- एसोसिएशन का दावा है कि इससे परिवहन कारोबार प्रभावित हुआ है।
- करीब 300 सदस्यों के एकजुट होने का दावा।
- हजारों हमाल, लेबर, ड्राइवर और मुंशी प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
- मांग पूरी नहीं होने पर व्यापक ट्रांसपोर्ट और व्यापार बंद करने की चेतावनी।
- परिवहन मंत्री, आयुक्त, राज्य सरकार और चैंबर ऑफ कॉमर्स से हस्तक्षेप की मांग।
- BPS का पक्ष अभी सामने नहीं आया है; आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी है।









