CG Dhan Kharidi 2026: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू हो सकती है धान खरीदी? कलेक्टर ने दिए निर्देश
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को लेकर कांकेर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने समीक्षा बैठक ली। जिले में 149 से बढ़कर 163 धान उपार्जन केंद्र होंगे। खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होने की संभावना बताई गई है, हालांकि तारीख की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

CG Dhan Kharidi 2026: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। कांकेर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कलेक्टोरेट में संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में किसानों को धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने, खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बार धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। हालांकि, इसे अंतिम तारीख मानने से पहले राज्य शासन की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी है।
कांकेर में अब होंगे 163 धान उपार्जन केंद्र
बैठक में खाद्य अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष कांकेर जिले में 149 धान उपार्जन केंद्र संचालित थे। इस वर्ष 14 नए केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इसके बाद जिले में कुल 163 धान उपार्जन केंद्र होंगे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी केंद्रों में जरूरी सुविधाएं और व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। इसका उद्देश्य किसानों को धान बेचने के दौरान अनावश्यक परेशानी से बचाना और खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।
सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत के निर्देश
धान खरीदी शुरू होने से पहले किसानों को उपार्जन केंद्रों तक धान पहुंचाने में परेशानी न हो, इसके लिए कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को आवश्यक सड़कों, पुलों और पुलियों की मरम्मत समय पर कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को अपने-अपने क्षेत्रों के धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने और वहां मौजूद समस्याओं का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
धान खरीदी केंद्रों पर CCTV, बनेगा कंट्रोल रूम
खरीदी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिले में एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम स्थापित करने की तैयारी है।
कलेक्टर ने संबंधित समिति प्रबंधकों के माध्यम से CCTV व्यवस्था सुनिश्चित करने और इसकी निगरानी कलेक्टर स्तर से किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
ऑपरेटरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
धान खरीदी के दौरान ऑनलाइन एंट्री और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में परेशानी न हो, इसके लिए विकासखंड स्तर पर ऑपरेटरों का प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य अधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि खरीदी प्रक्रिया से जुड़े ऑपरेटरों को आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण समय पर मिले, जिससे केंद्रों पर काम सुचारू रूप से संचालित हो सके।
अवैध धान परिवहन और बिचौलियों पर रहेगी नजर
बैठक में धान के अवैध परिवहन और कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए भी निर्देश दिए गए। इसके तहत धान के आवागमन वाले प्रमुख मार्गों पर जरूरत के अनुसार चेकपोस्ट स्थापित करने और लगातार निगरानी रखने को कहा गया।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और जिला स्तर के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों के लिए क्या हैं अहम बातें?
- कांकेर जिले में इस वर्ष कुल 163 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जाने की तैयारी है।
- पिछले वर्ष के मुकाबले 14 नए केंद्र स्वीकृत हुए हैं।
- खरीदी शुरू होने से पहले सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
- केंद्रों पर CCTV कैमरे और जिले में सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जाएगी।
- अवैध परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
- धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने की संभावना बताई गई है; अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा की पुष्टि आवश्यक है।









