CG Rajyotsav 2026: सेवा सेतु पर 55 लाख से अधिक आवेदन, जानें क्या है यह सरकारी पहल
राज्योत्सव-2026 के विशेष लेख में सेवा सेतु के आंकड़े साझा किए गए हैं। इसके तहत 38 विभागों की 939 सेवाएं, 16,773 सेवा केंद्र और 21,582 अधिकारी-कर्मचारी जुड़े होने की जानकारी दी गई है।

CG Rajyotsav 2026: छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं को सरल और आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा सेवा सेतु पहल संचालित की जा रही है। राज्योत्सव-2026 के अवसर पर जारी विशेष लेख में इस व्यवस्था के माध्यम से डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस पहल के तहत प्रदेश के 38 विभागों की 939 सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम करना और ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
सेवा सेतु पर 939 सरकारी सेवाएं उपलब्ध
विशेष लेख के अनुसार, सेवा सेतु के माध्यम से प्रदेश में 38 विभागों की कुल 939 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके संचालन के लिए राज्य में 16,773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया गया है।
लेख में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सेवा सेतु से संबंधित ऑनलाइन प्राप्त 55,13,672 आवेदनों पर कार्रवाई जारी है। वहीं, सेवाओं के संचालन के लिए 21,582 अधिकारी-कर्मचारी इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं।
ये आंकड़े राज्य में डिजिटल माध्यम से सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के दायरे को दर्शाते हैं।
आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित कई सेवाओं की सुविधा
सेवा सेतु की प्रमुख विशेषता यह है कि नागरिकों को कई आवश्यक सरकारी सेवाओं के लिए एक ही मंच पर आवेदन करने की सुविधा मिलती है।
इसके तहत उपलब्ध बताई गई प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं:
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- विवाह पंजीयन
- गुमास्ता लाइसेंस
- अन्य संबंधित शासकीय सेवाएं
इस व्यवस्था से नागरिकों को अलग-अलग विभागों की प्रक्रियाओं के लिए कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक सेवा की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया संबंधित सेवा के नियमों पर निर्भर करेगी।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को कैसे होगा फायदा?
ग्रामीण क्षेत्रों और दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले नागरिकों को कई बार सरकारी कामों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सेवा सेतु का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों और सेवा केंद्रों के नेटवर्क के जरिए इस परेशानी को कम करना है।
सेवा केंद्रों पर उपलब्ध सहायता से उन लोगों को भी आवेदन करने में सुविधा मिल सकती है, जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी या मार्गदर्शन की जरूरत होती है।
इस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय सेवा केंद्रों का समन्वय सरकारी सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच बढ़ाने में मददगार हो सकता है।
ऑनलाइन आवेदन से पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सेवा सेतु का उद्देश्य केवल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देना ही नहीं, बल्कि आवेदन प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और संबंधित अधिकारियों तक आवेदन पहुंचाने में मदद करना भी है।
डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आवेदनों की स्थिति पर नजर रखने और उनके निराकरण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, सेवाओं का वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि आवेदन कितने समय में निपटाए जाते हैं और नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवाएं मिलती हैं या नहीं।
राज्योत्सव-2026 में डिजिटल सुशासन पर फोकस
राज्योत्सव-2026 के विशेष लेख में सेवा सेतु को नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसका मूल उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम नागरिक के लिए सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाना है।
सेवा केंद्रों की पहुंच, आवेदनों का समयबद्ध निराकरण और डिजिटल सेवाओं के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना इस व्यवस्था की उपयोगिता को और मजबूत कर सकता है।
सेवा सेतु से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- विभाग: 38
- उपलब्ध सेवाएं: 939
- सेवा केंद्र: 16,773
- ऑनलाइन आवेदन: 55,13,672
- जुड़े अधिकारी-कर्मचारी: 21,582









